01निशानी
श्रवण उन पहली इंद्रियों में से एक है जो भ्रूण में विकसित होती हैं। शिशु जन्म लेने से बहुत पहले अपनी माँ की आवाज़ सुन सकता है। दृष्टि बाद के चरण में आती है। यह बात हाल में ही पता चली, लेकिन इसकी खोज से 1400 वर्ष पहले क़ुरआन में इसका चित्रण किया गया था। क़ुरआन इस बात पर ज़ोर देता है कि ईश्वर ने हमारी दृष्टि से पहले हमारा श्रवण बनाया।

02क़ुरआन का अंश · क़ुरआन 76:2
إِنَّا خَلَقْنَا الْإِنْسَانَ مِنْ نُطْفَةٍ أَمْشَاجٍ نَبْتَلِيهِ فَجَعَلْنَاهُ سَمِيعًا بَصِيرًا ٢
हमने मनुष्य को मिलेजुले वीर्य से पैदा किया, ताकि उसकी परीक्षा लें; और हमने उसे सुनने और देखने वाला बनाया।
03वैज्ञानिक प्रमाण
क़ुरआन 23:78
वही है जिसने तुम्हारे लिए श्रवण, दृष्टि और भावनाएँ उत्पन्न कीं। लेकिन तुम बहुत कम कृतज्ञता दिखाते हो।
٧٨ وَهُوَ الَّذِي أَنْشَأَ لَكُمُ السَّمْعَ وَالْأَبْصَارَ وَالْأَفْئِدَةَ ۚ قَلِيلًا مَا تَشْكُرُونَ
04चिंतन
क़ुरआन हमेशा ‘देखने’ से पहले ‘सुनने’ का उल्लेख करता है, और यही उनकी रचना का वास्तविक क्रम निकला।
05 · विचार करें